Monday, 27 February 2012

काश  तुमको  चाहते  रहने  के  सिलसिले  ठहर  जाते ,


कुछ  हम  तुमसे  और  तुम  हमसे  मुखातिब  तो  हो  जाते   ...

sks ♥
कुछ   देर  दम  तो  ले  ए मुसाफिर 

मंजिल  अभी  दूर  ही  लगती  है ,

किस्से  प्यार  के  शुरू  भी  न  हुए  ..




शिकायतों  के  गुबार  में  


क्यों  खत्म  वो  कहानी  लगती  है ..

sks ♥

Monday, 20 February 2012



क्यों   फ़रियाद   करें 
क्यों  हम  तुमको  याद  करें 
जिस्म  से  रूह तो होनी  ही   है अलग  
क्यों  आज ही  मरने  की  बात  करे  ????


क्यों  न  ले  टक्कर  और  बदल डाले 
जो  लिख  दिया  तूने  किस्मत  में 
तेरे  लिखे  को  झुठला  दे ,


खुद  अपने  हाथो  से 
अपनी  किस्मत  तैयार  करें 


क्यों  फ़रियाद  करें  ...

तेरी  बदगुमानी  ही  तेरी  नाकामी  है  


तू  शिकायत  जो  करता  है,  तेरी  बद्खायाली  है 


कभी देख  ले  तू  भी  ज़रा  आईने  में 


तेरा  वजूद  ही  खुद   सवाली  है  ...
दिया  है  खुदा  ने  जो  तुझको 
गुमान  न  कर  ,


जान  बाकी है  अभी 
कोई  नया  कम  तो  कर  !!!
मेरी  हर  सांस  में  तेरी  खुशबू  है 
मेरी  आँखों  में  बस  तू  ही  तू  है 
मेरे  होठो  पे  हसी  तेरे  दम  से  है 
मेरी  हर  धड़कन  तुझसे  ही  है ...


ओये  
अब  इतराओ  भी न  इतना ..


दुनिया  में  एक  चीज़  perfume भी  है 
दीवार   पे  लटकी  तेरी  तस्वीर   जो  है ..
बातो  पे  तेरी  हस्ती  हू..
pacemaker से  धड़कन  बदस्तूर तो  है !!!!!! :p 
अपने  माथे  की  सिलवटो को  कम  करके  तो  देख 
मै तेरे  होठों  में  मुस्कुराती  हू कही ....


अपनी  बदनसीबी  ना  यूँ  रो  रो  के  बता 
एक  नसीब  मै  भी  हू तेरा  यही  पे  कही ..


तू  हाथ  में  हाथ  दे  के  तो  देख 
मुश्किलों  का  बोझ  कुछ  बट ही  जाये  कही ..


मै  हू तेरे  आस  पास  हवा  की  तरह 
उन  पर्दों  को  ज़रा  हटा  तो  सही ...
मै खुद  को  देख  तो  पाती  बेहतर  
तेरी   नीयत  में  ईमानदारी जो  होती  अगर 
तू देखता  है  सिर्फ  खोट ही  मेरे 
क्या  है  कोई  अच्छाई भी  मेरी  
जो  तुझको  आती  नहीं कभी  नज़र  ....

Tuesday, 7 February 2012



अपने दामन में वो लम्हे छुपा ले ज़रा
संभलते  नहीं मुझसे क्यों कर ,

रख लू तो दिल भर आता है

 खो दू तो जीयु कैसे भला ....


सादगी का अब वक़्त गुज़र ही गया

अब तो सजावट ही नज़र में समाती है ..


टाट के टुकड़े क्या जोड़ेगे भला .

दूरियां अब दूर ही नज़रआती हैं ...


शब्दों की गहरायी की अब क्या बिसात

जुमलो की नुमाइश ही दिलो को बहलाती है ..


सिमिटी सी जिंदगी में न जाने कहाँ थे तुम

एक सुकून तो था कि न तुम बदले न हम ..


मेरी रूह निकल जाये पिंजरे से जब

मेरी यादों को भी सुला देना कही

न करना अफ़सोस उन बातों का

 दुःख हुआ हो तुम्हे जिनसे कभी ..


तेरे आने की खबर

कुछ धुप की गर्मी सी


हलचल सी लगी दिल में

दुनिया भी लगे  पगलाई सी

नींद में जगती हू

बंद आँखों ने  टकटकी लगायी है

एक झोंके सा आया तू

आंधी तेरे जाने से आई है

कोई नयी खबर तो दे ऐ दोस्त

कि हर हलचल अब थम सी आई है ...

tere insaano ki duniya me hai ye dastur kya
tere ilma me dakhal deta hai aur khilwad kiya karta hai...

Thursday, 2 February 2012


KUCH rang bharne chahti thi 
sabhi ko khush rakhna chahti thi
meri yaad muskurahat jagaye chahti thi

kyu har rang kala nazar ata hai
kyu koi khush nazar nahi ata hai
chehro ki silvato me mera chehra hi kyu nazar ata hai...
kisi pyar ke kabil mai nahi
har lamha kahe jaata hai....
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Tere har safar me banaya tha hame hamsafar kabhi
Khade hain tanha unhi raho me kahi,
aur tu hai ki dekhta hi nahi


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Un bhatakte hue khwabo ko sahara to mile..
tu jo keh de ki mai yahi hu yahi…

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apne daaman me wo lamhe chupa le zara
sambhalte nahi mujhse kyu kar
rakh lu to dil bhar aata hai
 kho du to jiyu kaise bhala.... sks ♥