Saturday, 24 March 2012

दो दिन की जिंदगी है
बेबसी हैं हज़ार..


हँस के बिता लो 
पल जो मिले चार
ख़ुशी दे सभी को 
संजो ले हर वो शै यार


न रहेंगे हम
न रहोगे तुम..
फिर क्यों
 ये मनमुटाव यार


किसको गवारा है 
आँखों में आंसू आये
क्यों दिलो को
 दुखाये बार बार 


दो दिन की जिंदगी है
मुस्कुरा ले यार..
बड़ी बेदिली से तेरी बस्ती में आ पहुचे थे हम
कि न मंजिल थी वो जो दिल लगा लेते हम
तेरी सोहबत का हुआ य़ू असर कि
अपनी बस्ती में खुद ही आग लगा बैठे है हम ....

Monday, 19 March 2012

कुछ मेरी दीवानगी का पैमाना कम न था
कुछ यादो के सिवा कुछ याद न था
वो  न समझे तो कोई कसूर उनका  नहीं 
कि हर बात समझना जरुरी ही न था ....

सिर्फ ओस की बूंदे नहीं हैं  ये ..
रोई है रात आंसुओं से .. रात भर ..!!!
क्यों न मेरे रास्ते तेरे दर से जाते हैं
दूर क्यों हो इतने कि न तुम
 न तेरेअक्स नज़र आते हैं..
उस तरफ सो गया है संसार सारा,
दिन के उजाले ने क्यों इधर अँधेरा है पसारा,
तुम तो सो जाते हो बेखबर,
कोई करता है इंतज़ार 
जागने का तुम्हारा ...

ज़िन्दगी कभी तो अपने करीब बिठा 
न छूट  जाये दामन ,
जरा हाथ तो बढ़ा....

Thursday, 8 March 2012



सादगी का अब वक़्त गुज़र ही गया


अब तो सजावट ही नज़र में समाती है ..


टाट के टुकड़े क्या जोड़ेगे भला .

दूरियां अब दूर ही नज़रआती हैं ...


शब्दों की गहरायी की अब क्या बिसात

जुमलो की नुमाइश ही दिलो को बहलाती है ..

Its easy to get angry..but difficult to hold ur anger ,

Its easy to punish,but difficult to forgive.

Its easy to get annoyed..but difficult to tolerate.


Its easy to fall in love..but difficult to sustain,


It takes no time to misunderstand


but life falls short to understand..... 





There is a need

to Come out of your prejudices and try to know

Is there any reason to make fun of U

Is there any reason to irritate U

Is there any reason to hurt U 

When

I love U

Care for U

So much

सिखाया  था  तुमने  पकड़  के  हाथ  चलना 

लडखडाये  है  अब  जो  तू  साथ  नहीं 

और  आप  कहते  हैं  कि कोई  बात  नही :/  ...


इतना  हौसला तो देना ओ मेरे मालिक  

रख दू मै अपनी बात उनके हुजुर में 

कि बात बिगड़े भी नहीं और बात हो जाये ....


चंद लम्हे  भी  न  दे  तू .. कोई  बात  नहीं  

 एक  ख्याल  ही  काफी  है  उम्र  भर  के  लिए ..

दोस्ती  फासलों  की  मोहताज़  नहीं  

खुलूस  का  नजदीकी  से  इत्तेफाक  नहीं 

वरना  लोग  लोग  ही  रहते  

दोस्त  बन  के  करीब  आते  नहीं ...

तू  एक  बार  तो  ले  मेरी  जगह  ए  मुसाफिर 

चोट  भी  लगती  है  ठोकरों  से 

 तुझे  भी  तो  हो कुछ  खबर ..

तेरे  लिखे  को  कौन  मिटा  सकता  है 

देने  हो  गम  या  ख़ुशी  बस  ज़रिये  बदल  दिया  करता  है ....

जी  चाहता  था   जगाऊ नींद  से  तुम्हे 

बालो  में  उँगलियाँ  फंसा  थाप्थापौं  तुम्हे 

कान में  चुपके  से   आवाज़  दू  तुम्हे 

पर  कुछ  सोच  के  डर जाती  हू

कि कही  हो   सपनो  की  दुनिया  ही न  प्यारी  तुम्हे 

तुम  नींद  से  जागो  और  पा जाओ  हमे 

Sunday, 4 March 2012

स्तब्ध मौन


व्यथित मन




स्पंदन..


एक नया जीवन


शालिनी
एक सत्य 


मेरे साथ 


तेरी इस् ज़मीन पर,


और  उस आसमान तक


आज भी इंगित है


कि तू .. बस तू है


मेरा कुछ भी नही है


तेरे वक़्त मे


मेरी जीत है


या मेरी हार है 


तेरा कुछ भी नही है...

शालिनी

Saturday, 3 March 2012

मै तो  गुज़रा  वक़्त  हू तुम्हारा 


जैसे  गुलदस्ते  का  फूल   हो कोई  पुराना ...



कम  नहीं  हैं  लोग  तुम्हारी  दुनिया  में 



सफ़र  कट  ही  जायेगा  बढ़िया  तुम्हारा ...




तुम  प्यार  से  बोलो  ये  ज़रूरी  तो  नहीं ..



दुआ  में  एक  लफ्ज़  न  निकल  जाये  तुम्हारा ..



तुमको तो  आता  है  शब्दों  का  सलीका  ..



हम  ही  ना  समझ  पाए  इशारा  तुम्हारा  ....
एक डोर जो बाँधी थी 


बड़े प्यार से


रेशम सी नाज़ुक है


ना उलझाओ इसे.


टूट ही ना जाएँ 


सुल्झा लो जरा दुलार से ..
बंद आंखो मे छुपाया था तुम्हे


चंद बातों से  बुलाया था तुम्हे


आंख खुलते ही  बिखर जाते हो


उन्हीं शब्दो पे चले क्यु जाते हो ???