Sunday, 8 July 2012

 एक बूँद ,
अमृत
जीवन का, 
एक सच
अमिट,
एक  धरती,
जीवन भी
मृत्यु भी, 

एक तू,
न रूप 
ना आकार
न जीवन
न मरण,
एक आस ,
एक विश्वास 
लेगा कभी
अपनी शरण..


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