Saturday, 1 September 2012

अपेक्षित है 
संतुलित रहना 
संतुलित करना 
हर यथार्थ को 
हर स्वप्न से ...

अपने कर्म को 
 भावना से ..

और
जरुरी है 
 विस्थापित  कर देना 
अतीत को 
वर्तमान से..
द्वेष को 
इंसान से..
-शालिनी


..

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