Thursday, 29 November 2012

har wark zindgi ka rupahla ho na ho...
khushiyon ka har ghdi pehra ho na ho...
keemti to wo pal hain.. 
rishta jinka zindgi se gehra ho...
sks♥


हर वर्क जिंदगी का रुपहला हो न हो 

खुशियों  का हर घड़ी पहरा हो न हो ..
पल वही कीमती हैं ..रिश्ता जिनका 
जिंदगी से गहरा हो ....
Ek lamha zindgi ..fursato ka daur nahi..
duniya rishto ki.. nafrato ki kami nahi...

एक लम्हा जिंदगी 
फुर्सतो के दौर नहीं ..

दुनिया रिश्तो की 
नफरतों की कमी नहीं।।।

न  ज़िक्र हो फिर माजी का 
न भूला गीत  फिर  दोहराओ 
पल  पल नव जीवन में 
कोई नया संगीत  सुनाओ ..

अनखिंची सीमाओ  से बाहर 
कुंठित रिवाजों से हट कर 
एक नयी राह  बनाओ  ..

न तुम कुछ कहो 
न हम कुछ सुने ..
आओ   एक बार 
क्यूँ न फिर 
 जी जाएँ।।।

Thursday, 22 November 2012







कुछ दर्द काफी हैं रुलाने के लिए 

है जरुरी बहुत  दूर जाने के लिए 

चोट खाकर भी तू समझा नहीं 
ज़ख्म खाता  है ..दूर जाता नहीं ..

मिल न पाया सुकून तेरे काँधे का 
कर न पाया तरबतर आंसुओ से कभी 
न दिया हौसला ज़ज्ब करने का कभी।।


अब तेरे आगोश की गर्मी पिघलाती नहीं
कब्र में  रूह अब कोई  बसती  नहीं ..

ता - उम्र एक कसक बाकी रही वजूद में 
इस  दर्द-ए -ख़ुलूस को तू समझा नहीं 

कोई मुश्किल न था उम्र गुजारना 
पल दो पल की बातें हासिल हुई ही नहीं 

कुछ वाकये तनहा ही रह गए 
वो किस्से अधूरे ही रह गए 

कान जिनको न तुम दे सके 
 वो होठों  पर ही रह गए।।।













mai  nahi kisi kashmakash me
meri nigaah me bas tum ho.

मैं नहीं किसी कशमकश में 
मेरी निगाह में बस तुम हो।।।।
एक जिंदगी 
और एक तुम ..
जिंदगी तुम्हारी 
रह गए हम ..

लफ्ज़ हज़ारों 
 बात गुम ..
अनकही बातें 
 शोर हरदम ..

बे आवाज़ धड़कने 
आँख नम ..
उन्नीन्दी आँखों का  
एक ख्वाब ..बस तुम 
-शालिनी

Wednesday, 7 November 2012

 इस उम्र की सरहदों से  दूर हो गए 
आप जहाँ भी हैं    हमसे दूर हो गए 
यादों की उम्र  साँसों से  है हमारी 
....आप मेरे साथ ता- उम्र हो गए।।


ek lambi umra ki sarhado se door ho gaye
aap jaha bhi hain..hamse door ho gaye..
hamaari saanson ki umra jitni bhi hai..
aapki yaadein hai .. jo aap mere saath ta umra hogye... 
खनकते हैं कुछ खामोश लम्हे 
इर्द गिर्द हवाओ में ..
नाज़ुक हैं ओस की बूंदों जैसे ..
बोझ लफ्जों का न डालो इन पर।।।।


khanakte hai kuch lamhe 
ird gird hawao me 
os ki boondo se nazuk hain .. 
bojh lafjo ka na daalo in par!!! 

एक मिथ्या ..एक छलावा .. एक भ्रम
एक नयी खोज ... एक नयी आस ..एक विश्वास हर दिन ...

ek mithya ..ek chhalawa ...ek bhram..
ek nayi khoj ...ek aas ...ek vishwaas ..har din...

यह किस अदा से चली आज पुरवाई ...
हर झोंके में जैसे तेरी सदायें चली आयीं ..sks♥
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जहाँ तक बन पड़े अपनों की अनदेखी नहीं करना
|लहू पानी से गाढ़ा है , इसे पानी नहीं करना |...

कल के साये को 
आज पर छाने न दो 
आज से आँखे चार करो 
आज को जाया जाने न दो ..

एक रूखा सा लम्हा 
नम कर लेना..

वो सदियों सा वक़्त 
तनहा गुजार लेना ...

यादों की खलिश में 
एक नाम पुकार लेना ....

बड़ी मासूमियत से 
ऐसे जिया जाता है ...