Thursday, 14 February 2013




इन प्यारे बन्धनों में 
अपने कर्मो से 
फ़र्ज़ के हाथो में 
हर सीमा को जाना है 
मन आहत होता है 



बंध के आई हूँ ..
खुशियाँ ही तो फ़ैलाने आई हूँ 
भूल के अपना सबकुछ 
प्यार ही  बाँटती आई हूँ ..

अपने वचनों से 
मिटटी की इस देह से 
समर्पित होती आई हूँ ..

किस्मत की लकीरों में 
आशाओं निराशाओं में 
खुद को सौंपती आई  हूँ।।
 अस्तित्व अपना कब स्वतंत्र माना है ..

मुस्कान कोई जब खोता है ..

खुशियों की अभिलाषा में 
हर कोशिश करती आई हु ..






दिल बुझ सा जाता है ..

आशाओं के जंगल में 
खो सा जाता है ..
दिल गुमसुम   हो  जाता है ..
कुछ बुझ सा जाता है ..


उम्मीदों के बादल में 

कुछ घुट  जाता है ..


दिल घट सा जाता है ..

कुछ  बुझ  जाता है ..


आँखों में कुछ सपने लेकर 

रोज़ युही सो जाता है ..
सपनो में सपने लेकर
भरमा जाता है ..


कुछ  बुझ सा जाता है ..



सौंप दिया जीवन 

जीवन के हाथो में 
आशाओं को रोंप  दिया 
आशाओं में ..
उम्मीदें झुठला जाता है ..


दिल भर आता है 

कुछ बुझ सा जाता है ..










Tuesday, 12 February 2013


रूठ जाएँ शब्द मुझसे

और मैं निःशब्द हो जाऊं ..
यह जग मुझसे 
और 
मैं दुनिया से 
अलग हो जाऊं ....



 पर ..

मैं कैसे विमुख हो जाऊं ..
क्यूँ न ..
शब्दों को जोड़ कर 

भाषा का रुख मोड़ कर 

मैं अपने भीतर ले आऊँ 
पल भर ..
मैं भी विस्तृत हो जाऊं,
और .. 
जग को विस्मित कर जाऊं ....

Thursday, 7 February 2013

मयस्सर थे अरसे से 


रातों के अँधेरे ...


..
महसूस करने दे सूरज की तपिश मुझे



बड़े दिनों बाद उजालों में आई हूँ ..



sks♥
Kuchh to shokh thi adayen teri


yun hi to nahi dil dhadak gaya mera..



sks♥
har baar ...
har baat 
ek ahsaan ,

kaano me 

dil ki baat ,
 mumkin nahi ..



har baar

khak ho jaye 
dard e shola,..



ya..
aankh se 

beh hi jaye 
mumkin nahi..

jism me dil

dil me jaan
har baar 
nikal jaye

mumkin hi nahi...




मंजिलों दुआओं से मिल भी जाओ अब ..

इरादे बदल न जाएँ .. क़ुबूल होते होते ..


  




दहलाता है जो समुंदर साहिल को इस कदर ..

क़दमों में दम तोड़ देगा ,है उसको भी खबर ..