Thursday, 6 February 2014


कहाँ मिले हैं सिरे और ताने बाने उजालों  में 
उलझते रहे ख्वाब पलकों के अंधेरों  में। 

2 comments:

  1. ख्वाबों को अगर पूरा करना हो, तो जागते हुए देखो,
    अंधेरों मे देखे ख्वाब तो, झूठे ही कहे जाते हैं



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