Tuesday, 15 April 2014

जज़बातों से खेलते हैं ये सियासती लोग 
मोहरे बनाते आयें हैं आपको यह लोग ..

जीत का जश्न मनाएं या हारें यह लोग 
काम आपका ही तमाम कर जायेंगे यह लोग ..

खून के आंसूं पीते हर कौम के लोग 
मुसलसल नफरतें बढ़ाये जातें हैं ये लोग ...

बटवारों के दांव हर पल खेलते हैं 
आपकी सरज़मीं पर..   बिसातें  बिछाये बैठे हैं ये लोग ....

इंसानी वहशतों के शिकार हैं यह लोग
मतलब के बाद देखिएगा ....कहाँ हैं आप और कहाँ यह लोग ...!!!!!

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