Friday, 9 May 2014

क्यों बांधता बन्धनों में 
अपना आज और कल ?
विलुप्त हो जाती हर चीज़ .. 
चल या अचल !!
मुक्त उसने भी तो रक्खा ..
मंद समीर हो या नीर विकल.. !!!
-शालिनी

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