Friday, 16 January 2015

रोने से अगर बदल जातीं तकदीरें
दुनिया में बस खारा पानी होता....!!
sks
aasaan nahi jeetna koi bhi Baazi 
sau dafe pehle haarna padta hai ...!!
sks♥

Thursday, 15 January 2015

Pareshaniyan bahut kam ho jayengi yakeen mano....
Bas shikaayten kuch kam rakha karo. ..!!
sks♥
यह करोड़ों की बातें करोड़ों को समझ नहीं आतीं,
कैसी भूख है ..कि करोड़ों से भी नहीं जाती....!!!
-शालिनी
दिन महीने साल गुज़रे हैं
उम्र अभी कहाँ गुज़री है...
कुछ वाकये ही तो किये हैं ज़ाहिर
किताब तो अभी पढ़नी है...
तुम अक्स में ढूंढा करते हो वज़ूद 
मुलाकात तो अभी करनी है ...
नींद तो टूट जाती है अक्सर
ख्वाब रह जाते सभी बाकी हैं ...!!
-शालिनी
एक जहान समाया है 
उस निगाह में..
सिर्फ मैं कैसे नज़र आऊँ....!?!
sks♥
पता नहीं कितने परदे पड़े हैं आँखों पर
न जाने राज़ हैं ख्वाब हैं या अहसास हैं ....!
sks♥
बा-हुनर को इशारा काफी है,
बे-हुनर तमाशाई ज्यादा हैं ...!!
sks♥
जेब में जब पैसे थे कम
बड़े अमीर थे हम....!!
sks♥
कोई गुल्लक तो दी नहीं उसने 
कुछ जमा नहीं कर पायी ...
ज़ेब खर्च मिलता है 
एक पूरा दिन 
और एक पूरी रात ..!
सहेजूँ दिन
या संजोऊँ रात
कुछ बचता नहीं ..
फिर एक पूरा दिन
और एक पूरी रात
और
फिर वही खाली हाथ ..!
-शालिनी
या खुदा उनके पैरों को मजबूत रखना
वो शोहरतो से डगमगाते बहुत है .....!!!
-शालिनी
मैं दरख्तों की फुनगियों को देखती हूँ
ज़रा सी हवा भी ज़ोर से हिला जाती है..!
उम्र से सधी शाखों को हिलाने में
हवा भी कुछ दम लगाती है ... !
सिहरना, सिमटना, घबराना क्यों
ज़िंदगी समय से सब सिखाती है .. !!
-शालिनी
कुछ बँटी बँटी सी है ज़िंदगी 
एक तेरे कहने से पहले 
एक तुझे सुनने के बाद ...!!
-शालिनी
फिर कोरा कोरा सा
चला आया नया साल... !!
बीते पल छिन
कभी पल में गुजरते
कभी पहाड़ से दिन..
सब
समेट ले गया
गुजरता हुआ साल ..!
खट्टी मीठी बातें
मुलाकातें
मुस्कुराते गुनगुनाते ..
और कभी रुलाते
लो
चला गया एक और साल ..!
पुलिंदा भर यादें
भूली बिसरी
सबक सिखाती
कुछ बातें ,
सहेज लिया मैंने
एक ये भी साल... !
अब..
फिर हर दिन अपना है
हम तुम को मिल कर
एक स्वर्ग सा रचना है ,
तेरा - मेरा,
उंच नीच
से उठकर
कुंठाओं से उबरना है .. !
इस भौतिक दुनिया में
मानवता से जीना है
नए दिनों में
कुछ
नया सृजन करना है ..!!
-शालिनी
ज़ेहन में, बेतरतीब कपड़ों की तरह, भरी रहती हैं यादें 
एक निकालो तो न जाने क्या क्या निकल आता है.… 
sks♥
सपाट अर्थहीन से,
बस शब्द 
मैं तुमसे, तुम मुझसे 
एक से दूसरे को 
हस्तांतरित करते हुए .... 
लेकिन ,
कहना जरुरी है
क्या पता कब
सरस्वती विराजे
और सच में हो जाये
मेरा तुम्हारा
ये साल "हैप्पी ईयर ".... !!!
-sks♥
मैं रचूं
तुम पढो
और कहदो 
" अच्छा है"
तो कितना
अच्छा हो ...!!
-शालिनी
शाख़ से गिरते ही ठिकाने बदल जाते हैं 
ओस के बिछौने पर सितारे ओढ़ सो जाते हैं...!!
sks♥
इस कुहरे भरी सवेरिया मा
पड़े रहो रजईया मा.... !!
sks♥
मुझे जमाखोरी की  आदत है ...!!
कुसूर मेरा नहीं है ...
पेन्सिल के छिलके ,
कार्डस की गड्डी ,
सुनहरे कागज़ों की कतरन ,
मम्मी के हाथ के बने स्वेटर ,
अम्मा की रज़ाई ,
प्रिया का छोटा सा मोज़ा ,
छोटी छोटी फ्राकें,
कुछ नहीं फेंका जाता .... !
सब यादें, बातें ,मुलाकातें
वो हंसी ख़ुशी और
खोखली बातें,
सब जमा हैं मेरे
खाते में .... !
मालूम है उम्र है सबकी
सरक जायेंगे कहीं
किसी न किसी दिन
फिर भी हिफाज़त से रखती हूँ
कुसूर मेरा नहीं है

यह मेरी राशि और 
जन्म की तारीख ही ऐसी है. !!
-शालिनी
कर्म प्रतिबिंबित हों ..!
अस्तित्व नश्वर है ..!
सत्य शाश्वत है ..!
विस्मृति ( भूलना) निश्चित ...
यह 
याद है मुझे ..!!
-शालिनी
खिलखिलाती धूप देख कर लगता है 
रात नींद भर सोया है सूरज शायद.... !! smile emoticon