Saturday, 27 June 2015

मायूसियों की कुछ दास्ताँ है ये
जब मुस्कुराने को थे ..बस ,रो दिए ...
ताउम्र सफ़र करते रहे
मंज़िल सामने आई जब
रास्ते बदल लिए ....
बाग़ सजाया किया करते रहे हर मौसम
फूल खिलने को जब हुए ..नोंच कर चल दिए
सब्र से करते रहे इंतज़ार सही वक़्त का
वक़्त आया तो बेसब्र चल दिए ...
सुकून तुमको किसी दौर नहीं
पैमाने ख़ुशी के ज़रा बदल दीजिये...
-शालिनी
26/4/2015
किस नाम से पुकारूँ तुम्हें
सब बुलाते हैं अलग अलग नामो से
मैं क्यों कोई सम्बोधन नहीं दे पायी
हर बार जब भी आवाज़ देना चाहू
पास जाकर धीरे से कहती हूँ ..."सुनिये"....
तुम्हारी पहचान है
बड़ा नाम है ...
मेरे लिए तो बस
"सुनो" "सुनिए" ही नाम है.....grin emoticon
-शालिनी
5/5/2015
सेफ में रखे हुए ज़ेवरों जैसे होते हैं कुछ लोग 
बरतना कम से कम पर दिल मालामाल लगे .. !
sks




Aiwaiii.... tongue emoticon
"Zindagi ne zindagi bhar sum diye" -
kabhi gam diye kabhi kam kiye
Dur rehkar bhi uljhano me phanste rahe 
Khud he uljhe khud hi suljha kiye
"Zindagi ne zindagi bhar sum diye" -
sks♥
अपने किरदार पर मैं क्यों शक करूँ 

क्या करूँ जो ये जहाँ मुकम्मल नहीं..... !!!


sks♥


साझे पलों को साझा करता
तुम्हारे पास ,तुम्हारे साथ
साझे रास्तों पर साथ चलता
आश्वस्त और आनंदित होता....!
तुम्हारे पैरों के निशानों पर
अपने कदम रखता
तुम्हारा अहसास समेटता...
कुछ दूरी पर चलते हुए
तुम्हें देखता और
बस देखता रहता...
मंत्रमुग्ध, सम्मोहित सा.…!
तुम्हें सुनता और बस सुनता
जीवन कानों में जैसे बहता
एक लम्हे से लम्हों में
एक जीवन अमर हो जाता ... !
एक कल्पना है सोच के इर्द गिर्द
इस संसार में.. अपनी दुनिया में
हर पल तुमसे साझा करता... !!
--शालिनी


18/5/2015
कितना ताप है अंदर बाहर
जलता जग है भीतर बाहर ....
असह्य ..
सानिद्ध्य में है 
ताप तुम्हारा...
जलते हो जलाते हो
जलता है संसार सारा...!
-शालिनी
23/5/2015
निःस्वार्थ यहाँ कुछ भी नहीं,

अपनों की दुनिया में ...


अपना कुछ भी नहीं....!!!


sks♥



Teri Aankhon me aks apna dekhna chahun to ..

Andhere darmiyan khinchte chale aate hain...!!!


...sks



पीली पड़ती धनिया की पत्ती को तोड़ फेंका तो 

धीरे से मुस्कुराई ..बोली ..


वक्त तो तुम्हारा भी कुछ दूर नहीं ...!!


sks♥



फासला घटता नहीं'
ज़िद पर अड़ा है


एक कदम मेरा 
और एक तेरा....!!!!


फेस बुक पर memory रिफ्रेश होने लगी है आजकल.......

ये कौन जीता गया मेरे अंदर
मैं कौन हूँ ..झांकती हूँ मैं मेरे भीतर
ये लिखता है कौन ..मेरी कलम से
मैं खुद पहचान नहीं पाती हूँ ...!
कल जो बीता ..बीत गया
पढ़ के फिर दोहरा नहीं पाती हूँ..!!
तुम ले आते हो रोज़ फिर वही पन्ने
मैं पलट के जिन्हें भूल जाती हूँ....!!
-शालिनी
ख्वाबों से अपने न वाकिफ़ कराये किसी को

बुरी नज़र से मौला बचाये सभी को ...!!!!


-sks♥



चुभता रहा रात भर नश्तर की तरह,

रात पीठ के नीचे दब गया था .....


गले की चेन का पेन्डेन्ट ....!!!!


sks♥



इस आनी जानी दुनिया में 

हर घडी तू सफ़र में रहता है..!


लगाते नहीं गले हर किसी को


न ता-सफ़र कोई साथ चलता है ....!!!


sks♥


सफ़र में गले लगाया नही करते किसी को

सफ़र का साथ सफ़र भर ही हुआ करता है...!!!


sks♥



देखती हूँ सब छूटता जाता है हाथों से

बड़ी फिसलन है इस वक़्त के हाथों में ....!!!


sks♥
सपनों में दिखती है जैसी

हकीक़त में गुज़र जाए
....

ज़िन्दगी सुन, तू यही पे रुकना,


हम ज़माना बदल के आते है.....!!!


sks♥