Saturday, 27 June 2015

ख्वाबों से अपने न वाकिफ़ कराये किसी को

बुरी नज़र से मौला बचाये सभी को ...!!!!


-sks♥



चुभता रहा रात भर नश्तर की तरह,

रात पीठ के नीचे दब गया था .....


गले की चेन का पेन्डेन्ट ....!!!!


sks♥



इस आनी जानी दुनिया में 

हर घडी तू सफ़र में रहता है..!


लगाते नहीं गले हर किसी को


न ता-सफ़र कोई साथ चलता है ....!!!


sks♥


सफ़र में गले लगाया नही करते किसी को

सफ़र का साथ सफ़र भर ही हुआ करता है...!!!


sks♥



देखती हूँ सब छूटता जाता है हाथों से

बड़ी फिसलन है इस वक़्त के हाथों में ....!!!


sks♥

No comments:

Post a Comment