Saturday, 27 June 2015

किस नाम से पुकारूँ तुम्हें
सब बुलाते हैं अलग अलग नामो से
मैं क्यों कोई सम्बोधन नहीं दे पायी
हर बार जब भी आवाज़ देना चाहू
पास जाकर धीरे से कहती हूँ ..."सुनिये"....
तुम्हारी पहचान है
बड़ा नाम है ...
मेरे लिए तो बस
"सुनो" "सुनिए" ही नाम है.....grin emoticon
-शालिनी
5/5/2015

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