Tuesday, 15 September 2015

१०/८/२०१५ 
मन-वचन साधे दुनिया में रहना 
जैसे तंग गलियों में सीधा चलना..!!
sks♥


आह ! 
तहरीरें बुत्त हुईं जाती हैं 
हर्फ़ बर्फ हुए जाते हैं ...!
अपनी मुथरी हुई कलम को 
मैं बड़ी हसरत से देखती हूँ.. .!!
-शालिनी



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