Tuesday, 15 September 2015

१६/८/२०१५ 
बादलों से बरसे और समा जाये गर्भ में
इफरात बह गया तो किस काम का....!!!!
sks♥



खुदगरज़ियाँ समेट कर कहते हैं वो 
यह इश्क़ नहीं आसान ....!!
sks♥


१३/८/२०१५ 
मैं खुश हूँ कि ..मेरे साथ मेरे अपने रहे हैं सदा 
ये और बात है कि साथी अश्क हैँ और मैं ग़मज़दा...!!!
sks♥


११/८/२०१५ 
स्नेहिल सम्बोधन,
स्नेहिल अभिवादन, 
न भूल जाना तुम ..!
अनदेखे अवलम्बनों को
न नकार जाना तुम ...!!
-शालिनी

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