Tuesday, 15 September 2015

सौहार्द सघन हो
विरला ही सही ---!!
sks

३/९/२०१५ 

अनुपार्जित सुख है ..जो भ्रम में रहें हम ..तुम
मैं पथिक राह में ...और मरीचिका से तुम ..!!
-शालिनी

२/९/२०१५ 

असल में जानना है तो सिलसिलेवार मिलो
चंद मुलाकातें बनावटी होती हैं अक्सर ....!!!
sks♥

३१/०८/२०१५ 


एक सलीकेवार, बा इल्म, बड़े काबिल हो तुम 
बिखरते, बिगड़ते, कलपते, को सम्भालो तो जानें हम...!
sks

१०/८/२०१५ 

बात करना और बात रखना ... फर्क है
बात रखना और बातों में आ जाना ...बहुत फर्क है ...!!
sks♥


२४/८/२०१५ 


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