Friday, 18 November 2016

सर्दियाँ आते ही 
हेंगर पर 
लटक जाती हैं 
सर्द होती हुई 
कुछ गर्माइशें...

छू कर गये मौसम
सर्द गर्म ये ख्वाहिशें..
लाख़ों जोड़ तोड़ 
ज़हन में ,
बनती बिगड़ती आराइशें..

यहाँ ज़रूरतें तय करती हैं 
दोस्ती दुश्मनी और रवायतें...!!
-शालिनी

Saturday, 8 October 2016

अलसाया 
रक्तिम
धीरे से अपनी यात्रा
शुरु करते हुए
मेरे साथ ..!

सड़क के उस छोर पर
आगे आगे भागता हुआ
सिन्दूरी आभा टपकाता
ओजस्वी क्षण क्षण 
जग आलोकित करता 
सुदूर क्षितिज में
मेरा पथप्रदर्शक...!
हमारी
यात्रा अनवरत 
निर्विघ्न सतत चलती रहे

अनंत धरती  आकाश 
संग संग  चलती रहे..!!
-शालिनी
नाम सिर्फ बुलाने भर को हैं 
हमें नाम मिल जाता है 
नाम में हम नही मिलते 
सार्थक को सार्थक नही करते
विश्वास पर विश्वास नही करते
आनंद आनंद में नही
शांति को शांति नही
ज़िन्दगी गुज़र जाती है 
और कहते हैं जिंदगी जी नही 
मिलती है तो दूर भागते हैं 
वरना पीछे भागते हैं 
जो है उसे सँभालते नही 
जो नही है उसे भूलते नही
औचित्य को किनारे रख 
बेसिरपैर से चिंतित 
मानव ...चेतना से परे
तू कुछ भी नही ....!!!
-शालिनी

Friday, 7 October 2016

आँखें खुली पर खोये से लोग गुजरते जाते हैं
अनदेखी  ज़िन्दगी रुकी रहती है किनारों पर ..

कोई देखता ही नही.. न इधर ..न उधर ... !!
-शालिनी
बड़े हुनरमंद होते  हैं झूठे लोग ...
इलज़ाम भर से मर जाते हैं कुछ लोग...!!

सच की तह तक कौन जाता है
सच्चाई से बचते हैं ये झूठे लोग....!!

और कितना गिरोगे कितना गिराओगे
किसी उसूल पे नही चलते  ये झूठे लोग...!!!
-शालिनी
रास्ते जो दूर ले जाएं ..वापस भी ले आएं 
हर सफ़र से पहले एक डर ज़हन में रहता है...!!
sks💝

Friday, 30 September 2016

निरुद्देश्य ! जब ध्येय हो न कोई पास 
आओ .. चलो बह चलें हवा के साथ ..!!
किश्तियों को छोड़ धाराओं में 
कोई तो किनारा लगेगा हाथ..!!
ऊँगली पकड़ कौन चलता है उम्र भर
देखो कौन- कौन है भीड़ में तुम्हारे साथ ..!!!!
-शालिनी

"Life is like sailing. You can use any wind to go in any direction."

Tuesday, 6 September 2016

हर कूचा ए महफ़िल में देखती हूँ जब उनको ..
सोचती हूं..
ये जो सबके नज़र आते हैं ...दरअसल वो किसी के नही होते...!!!
sks💝
शब्द लड़ते रहते हैं रात भर..
सुबह मौन हो सो जाते हैं थक कर..
मैं तक़रीर कोई कब तक लिखूँ
वो किनारे सरका देते हैं पढ़ कर..
सौ दफ़ा पढ़ती हूँ खुद का लिखा
सिलवटें उनकी पेशानी पर सोच कर ..
फेहरिस्त लम्बी होती ही जाती है
सवाल सवालों से करते हैं ....
जवाबो की राह देख कर.... !!!!
-शालिनी
हर दिल में ही तो रहता हूं 
ढूँढ़ते कहाँ हो तुम पल पल के सुख में
चिर असीम सुख की परिकल्पना हूँ 
तेरे अंदर भी बसा हूँ ... देखो सत्य हूँ मैं
-शालिनी

Thursday, 1 September 2016

बातें सिर्फ़  बातें नहीं होतीं...
आवाज़ें लहू में दौड़ती हैं हरदम...!!
धमकती हैं कानों में
आँखों से निकल बहती हैं ...!!!
-शालिनी

Sunday, 28 August 2016

सीली रातों में बमुश्किल सुलगाया है
देखो मेरे हिस्से में फिर दिन आया है...!!!

यह चंदा जिस रोज़ खूब चमकता है
 एक सूरज उस ओर पुरज़ोर सुलगता है...!!!
-शालिनी
ऊब न जाऊं ओट नज़र के कर देती हूँ
सफ़ा  नए सिरे से फिर शुरू करती हूं ...!!
अक्स क़दमों के कुछ दूर लिए जाते है
रास्ता फिर नया खुद तलाश करती हूँ...!!
मंजिलों में तुम हो या तुम ही मंज़िल हो
सफ़र तो सफ़र है बस इसलिए  सफ़र करती हूं...!!!
-©शालिनी

Friday, 26 August 2016

मेह सहरा पर बरसा करे
 रूह मरु की  सवर जाये...!
जो बरसे  खारे समुन्दर पर 
 देह खारी की खारी हो जाये..!!
sks<3

Thursday, 25 August 2016

नींव तक हिल जाती हैं 
यह दीवारें जो तुम बढ़ा देते हो ..यकायक ..!!!
sks<3

Wednesday, 24 August 2016

घात आघात से बच सको तुम
पाषाण हृदय कर लिया तुमने,
दुःख कोई दुःख न दे सके
संयम अथक कर लिया तुमने,
भूल गए तुम सुख से सुखी होना

अहसास को परे कर दिया तुमने...!!
sks<3
यहाँ सफ़ाई हो ही नहीँ सकती ...
न दिमाग़ की ,न दिल की ....न शहर की

ताल्लुक होगा तो...
इत्तिला भी होगी ...!!

sks<3


प्रेम मर्म है, दर्प है, सतत आशीर्वाद  है 
 धरा का  अंतहीन सतरंगी आकाश है ..
लेकिन..
प्रेम की आस्था जब देह हो जाये ,
भावना जब सारी अपदस्थ हो जाये,
मर्म जब निस्ताप हो जाए, 
रुको ज़रा ठहर कर देखो...
शायद
स्वप्नाकाश  विस्तरित  हो जाये..
या फिर 
अवचेतना सर्वथा लोप हो जाये....

क्या अर्थ है विमुख हुए प्रेम का ..
एकल ..राह पर फिर मौन का ??
छोड़ दूँ राह यही विकल्प है ?
नेत्र सजल और प्रेम अल्प है ...

प्रेम है तो अंत हुआ कैसे
शाश्वत भाव शेष हुए कैसे
यथार्थ नहीँ  तो स्वप्न हुए कैसे
सोचती हूँ कोई जीतता नहीं
 तो फिर  हारता है कैसे ?
-शालिनी
14.2.16

ता उम्र   दफन रहा 
यह है या नही किसे याद रहा..!!

ज़ज़्बा-ए-मोहब्बत जो उफन गया  
दिल,कभी आबाद हुआ कभी बर्बाद हुआ..!!

रोज़ चमकता रहा आसमानों में 
इश्क ने दिखाया तब चाँद हुआ ..!!

परछाइयाँ तन्हाईयाँ बदगुमानियां बेमतलब थीं 
  पता चला जब सामना रौशनी से हुआ..!!

साज़ आवाज़ सुर और लफ्ज़ सब बेमानी थे 
  ज़ेहन में उतर गए सब, रुख  जब ज़िंदगी से हुआ..!! 
  
रोज़ पढ़ते थे किस्से,  हमराज़ दोस्तों  के थे 
बुलबुले गुलगुले हुए, हादसा जब   खुद से हुआ..!!

-शालिनी

बदलती तारीखों में ..
बढ़ती उम्र में ..
बस ज़िंदगी कम हो जाती है !
कम ओ बेश, 
और कुछ नहीं बदलता ..
न ख्याल, न मन और न तुम ...!!!

sks<3
11.2.16

यहाँ कुछ तो है जो लुट जायेगा..
बंद तालों पर लिखा होता है अक्सर..!!

sks<3

बेबाक नहीं.. बेहया भी नहीं 
खुद अपना हाल कहूँ ..
अब  ये हाल भी नहीं ..!!!

sks<3

मैं किनारा क्या करूँ.. खुद जो किनारे पर हूँ 
तुम न देना मुझे  .. मैं खुद ही तसल्ली में हूँ ...!!

sks<3

इरादा है , वादा नहीं .... चलने का   
 यह  रास्ता  मेरा है...! 
  
उस तरफ  कौन जाने क्या है 
अच्छा लगता है मुझे  
यह सफर, जो सिर्फ मेरा है.. !!

-शालिनी
पाल लो मन में ज़हर
या खा लो एक बार

रिश्तों को मारेतिल तिल कर
और तुम्हें  बस एक बार !
sks<3
10.4.2016

आपको क्या पता
मन में क्या चलता है...

एक ख्याल जो
अपनों के इर्द गिर्द
चला करता है.....!
sks<3
मुखर करता है आरम्भ.... एक अंत हर बार
अंत से पहले जीवंत हो उठता है फिर एक बार ..!

 अजेय कुछ भी नही होता जग में,
सिद्ध भी सब कुछ होता नहीं जग में ,
पराजय में जय है  ..मृत्यु में आयु,
अमर भी मर जाते हैं कई कई बार ...!

अंत से पहले अंत क्या मान लेना...
जीने की आस में कोंपलें ऊगा लेते हैं
ठूँठ भी एक बार ....!!
-शालिनी

ख्वाब में कुछ तो तुम्हारा रह गया है ना.....
ढूँढने आte हो अक्सर नींद से उठाकर......!!

पहर दर पहर दिन बदलता है
हर घड़ी घड़ी को देखता है
वक्त जाता महसूस होता है
देखने को बस घड़ी  देखता है ....!
हाथ अपने कर्म भर
भले बुरे का मर्म भर
वक्त की बिसात क्या
घड़ी की चाल भर चलता है....!!!
-शालिनी

Time does not exist
Clock does !!

30.4.2016

खुश रहना है तो
सेहत का रखिये ख्याल
और बादाम मत खाइये.. :-D
sks<3

"Happiness is good health and a bad memory."
सूरतों पर न जाइये
सूरतें गुमराह करती हैं...!

मूरतों की असलियत जानिये
मूरतें अमूमन सच ही होती हैं...!!! ???
-शालिनी
जीवन सरल सा हो तो ..
ज्यादा कुछ नहीं बस
जरूरतें साधारण सी हों ..,
मनपसंद खाना हो
और प्रिय आस पास रहें ..!!
sks<3
17.3.2016

चेहरे पढ़े जाते हैँ छोटे घरों में
महलों में कमरे बंद हुआ करते हैं ..!
आसमानों में रहने वाले क्या जानें
ख़जाने मिट्टी में हुआ करते हैं ..!
sks<3

बार बार पकड़ कर लाने पड़ते हैं
कुछ ख़याल बच्चों से मचल जाते हैं...!!
sks<3

इस बसंत भी बसन्त आया नही..?
कुछ ठूँठ से दरख़्त खड़े हैं
किस अहम, दर्प में पड़े हैं ?
खोखली हो रही जड़ें बेदम पड़ी है..
आखिरी ही सही कोशिश तो करो
सांस लो कुछ कोंपलें हरी करो
बसंत आया है कुछ बसंती तो करो....!!!!
sks<3
16.2.2016
गिरवी पड़े हैं ...
शब्द भाव कल्पना और स्वप्न.... !
मधुर मुस्कान और स्नेह से
छुड़ा लाना ..तुम ....!!!!
sks<3
ड्योढ़ी चढ़ भीतर आ जाता है सुबह सवेरे आजकल ..
सर्दियों भर  ढूँढ़ते रहते हैं इस गर्मी के सूरज को...!!
मुंह छुपा कर निकल जाता था धुंधला धुंधला सा कभी..
कोई पर्दा नहीं है गर्मी में  इस गर्मी के सूरज को...!!
-शालिनी

बहुत अच्छे होंगे आप वहां
हम बुरे ही अच्छे हैं यहाँ...!
sks<3

#attitude

स्वप्न सुदीप्त हों अंश भर
जीवन उदीप्त हो उम्र भर....!!!

"Life is 10% what happens to me and 90% how I IMAGINE" . :)

-शालिनी
आज़माने की ज़रूरत नहीं
नक़ाब हर चेहरे पर लगा है...!!

कौन जाने झूठ का सच 
हर नज़र पर पर्दा पड़ा है...!!

sks<3
अस्तित्व हमारा हम से नहीं
माँ के बिना मैं संभव नही...!!

आचार विचार संस्कार का आधार है 
रोम रोम मेरा ऋणी अपार है...!!

माँ तुम्हारा बहुत बहुत आभार है..!!!
sks💝
जब भी मिलता है.. बिछड़ जाता है 
मन भी वक़्त जैसा हो जाता है ...!!
sks💝

मैंने कहा था न.. सिर्फ मेरा है 
वह ख्वाब जो तुमने देखा ही नही..!!
sks💝


"दूसरों की सहायता से पहले अपना नक़ाब ठीक करें"
6E (I hear it something else :p ) attendant tells in every flight . :)
sks💝
कुछ झगड़ों के सर पैर होते हैं क्या ?

नहीं होते न !! ?
तभी ये लुढक जाते हैं
कभी इधर, कभी उधर ..
कभी पड़े रह जाते हैं ,
वहीँ ..
हिले डुले बिना
हमारे तुम्हारे बीच ..

ये बे-सिर -पैर के झगडे ...!!!
-शालिनी
लफ्ज़ किस कदर  सर्द और गुम हुए जाते हैं..

अपनों को गैरों से कभी न मिलाये कोई ...!!!
sks💝

.. 'न ' निराकार हो जाता है
कर्म से, अर्थ से, द्वेष से...
प्रतिबद्धता से, बंधन से ...
मुक्त बहुत सी पीड़ा से ..!!
लौटना नही ..बस आगे ले जाता है 
विशाल हाँ से परे ..
अकर्मण्य, 
निर्भीक सत्यता की ओर...!!!
sks💝
तुमसे है ..
या सबसे है ..?
खुद से है ..
या खुदा से है..?
एक बेरुखी सी रहती है
आजकल... !!!
💗💗💗💗💗💗💗Shalini 
साफ़ मौसमो में धुंध कहाँ अब..
उजालों से चौंध जाते हैं हम ...!!
लौट आते हैं बार बार क़तरे लहू के
दिल धड़कने से जब जी रहे थे हम ...!!
हक़ीक़त से लगने लगे हैं अब..
 मंज़र, जो  रोज़ सोचते थे हम ...!!!
-शालिनी
2.6.2016
सवाल हैं अनबूझे से ...जवाब कोई मिलता नहीं 
न जाने कितने "क्यों" घेरे रहते हैं रात दिन  ...!!! 
sks"💝
10.6.2016

न मिले ख़ुदा .. पसर जाए मातम ..
जो हमजुबां न रहे ..कहाँ जाएँ ग़म...!!
sks💝

वक़्त बढ़ चला 
वक़्त  से आगे.... 

एक उम्र है 
उम्र से आगे.....!! 

sks <3

पता है मुझे ...
दूसरों के हिस्से में तुम मुझसे ज़्यादा हो ..
तुम्हारा इत्तु सा भी चलता है मुझे मेरे लिए ...!!

sks💝
8.6.2016
जरुरी नहीं कि हर ख़्वाब पूरा हो,
रूठ जाएँ ख़्वाब, ऐसा कभी न हो ...!!

sks💝

अक्सर कोई चेतावनी नही होती
किसी बदलाव से पहले ...!!

वक्त हो, तुम हो, या परिस्थिति...
आगाह ही नही करते झमेले..!!

लाभ हो, हानि हो, चोट हो, या आघात हो..
किसी को क्या आप कैसे क्या झेले...!!

चले आते हैं बदलते हैं बदल जाते है
कैसे दुनिया के यह मेले ..........रेले...!!!
-शालिनी
15.06.2016

"Sometimes There is no warning before a change and
No one usually cares what that change does to U"
एक दिन जब..
सांस छूट जायेगी
उम्र उम्र हो जायेगी
बस.. एक ज़िन्दगी ..
यहीं रह जायेगी ...!!
बहुत शोर करती है
इर्द गिर्द रहती है न
बस.. एक आवाज़ ..
यहीं रह जायेगी ...!!
उधार ही दे दो कभी
अपनी आँखों से, बातों से
बस ..एक हंसी ..
यहीं रह जायेगी ...!!
-शालिनी
18.6.2016
सवाल हैं अनबूझे से ...जवाब कोई मिलता नहीं
न जाने कितने "क्यों" घेरे रहते हैं रात दिन  ...!!!
sks💝

एक दिन जब..
सांस छूट जायेगी
उम्र उम्र हो जायेगी
बस.. एक ज़िन्दगी ..
यहीं रह जायेगी ...!!
बहुत शोर करती है
इर्द गिर्द रहती है न
बस.. एक आवाज़ ..
यहीं रह जायेगी ...!!
उधार ही दे दो कभी
अपनी आँखों से, बातों से
बस ..एक हंसी ..
यहीं रह जायेगी ...!!
-शालिनी
18.6.2016
मैं रूबरू हो जाऊँ तुझसे ये ख्वाब है..
तू ही तो है जिसे  हर घर ने सजा रखा है ..!!

बोझ  तेरे सर पर दुनिया भर का है..
अलग तुझसे इसी बात ने मुझे कर रखा है ..!!

घुल बह जायेगा समय के दरिया में देखना.. 
 फ़िक्र और ज़िक्र  जो मन में बसा रखा है ...!!!
-शालिनी
कहते हैं कि मौत  हर गम भुला देती है
शिकायतें तो ज़िन्दगी से होती हैं ... !!
-शालिनी
कुछ तो है मुझमे जो मुझ सा नही है
ये कौन है जो मुझमें छुपा रहता है ...!!
मेरी सुनता नहीं अपने मन की करता है
ये कौन है जो मुझसे बग़ावत करता है..!!
तुम को मिल जाये तो मिलवाना मुझे
ये कौन है मुझमे जो अजनबी सा लगता है .. !!
-शालिनी
21.6.2016
तरसता है चमन दौर-ए-बहार को कब से 
तुम  आजाना बूंदे बारिशों की लेकर ..!!

बाकी है गुफ़्तगू -ए -ज़िन्दगी कब से
तुम आजाना पूरी ज़िन्दगी लेकर ..!!
sks<3

22.6.2016
कब देखते हो 
दर्पित हिम आच्छादित चोटियाँ,
कल कल करती सरिता की मस्त अटखेलियां ,
हवा के आँचल पर लहराती धान गेहूं सरसों की कोमल बालियाँ, 
बारिशों के पानी में सनती सोंधी मिटटी की नालियां,
कब देखी तुमने फलों से लदी रंगबिरंगी  डालियाँ ....???

तुमने बनालीं  ऊंची ऊंची अट्टालियाँ,
मशीनों पर मशीनों सी चलती रहती  तुम्हारी उँगलियाँ,
कंकरीट में रहते रहते खो दी तुमने सारी अनुभूतियाँ,
पत्थर से शहरों में पत्थर सी होने लगीं नज़दीकियां,
अतृप्त जीवन से ले ली तुमने कितनी संजीदगियां,
तुम क्या जानो वात्सल्य प्रकृति का 
और बच्चों सी किलकारियाँ ....!!!
-शालिनी
21.6.2016
चैतन्य ..हवा के सामने
खड़ी हूँ मैं..
तुम गिरा सकते नहीं 
 धरा को जकड़े हुए हूँ मैं..
आत्मसात है ,मेरा भाग है 
कष्ट से जर्जर अभी नही हूँ मैं...!

काट कर फेंक दो.
या जला दो मुझे ,
आस है ..विश्वास है 
मौत से डरी नही हूँ मैं ..!
-शालिनी
27.6.2016
हलकी सी बारिशें .. बादलों में धूप..
बरसते मौसम ..उमसते हैं खूब....!!!
-शालिनी
2.7.2016

कल के बजाय आज आ जाये 
मरने से कौन डरता है ...
ज़िन्दगी छू भर जाये 
तो डर बहुत लगता है...!!

-शालिनी

तर्क ए ताल्लुक है, तो हुआ करे ,
मुझसे उलझन है, तो हुआ करे,
मुझको मालुम है अपना हाल 
हो खलबली तेरे नाम से तो हुआ करे ...!!

sks💝

किसी रोज़ छूकर लौट आऊं मन तेरा
हवा से जान लेना.. तुम पता मेरा..!!

sks💝

डूब कर उबर आऊँ हर बार, ज़रूरी नहीं..
इंसान हूँ ..किसी समुन्दर का किनारा  नहीं ...!!!

sks💝

aaj ka gyan

Baal ki khaal nikaalne me na BAAL rehta hai na KHAAL !!!!!!

sks<3
पल दो पल को ज़िन्दगी समझ लेना  अलग बात है,
यहाँ मुस्कुरा कर, नफ़रतें भरे रहते हैं, दिलों में लोग ..!!!
sks💝
6.7.2016
ज़िक्र तन्हाई का हो तो 
अंधेरों से डर लगता है ।
सन्नाटों में
खामोशियों से घर बसता है.. !!

गुम न हो जाएँ साये भी
रौशनी किये  रखती हूँ ।
कोई तो मेरे साथ 
घर में मेरे रहता है ...!!!
-शालिनी
6.7.2016
तय है तपिश के बाद बरसना,
बारिशों का बरस कर थमना...!

बहुत  आराम देता है अक्सर
दर्द का बेहिसाब  होना ...!!!
sks<3
7.7.2016
निशि तम आकाशगंगा
सतरंगी रौशनी से मनरंगा...!!!!
sks💝
काश !!
ऐसा हो जाये  कि
यह इमोटिकॉन्स
चिपका दूँ तुम पर !
अपनी पसंद का
हँसता खिलखिलाता मुस्कुराता.. !!
sks💝
9.7.2016
सोचती हूँ

इम्प्रैशन ज़रूरी है ..या एक्सप्रेशन .. ?
अटेंशन जरुरी है या सिर्फ कनेक्शन ?
एक्शन हो या सिर्फ मेंशन .. ?
जो भी हो ..
न हो कोई कैंसलेशन ..!!
sks💝
8.7.2016
बीत चुकी है दो तिहाई..
न जाने क्या खायी-
क्या कमाई ..,
न कोई हिसाब,
न जोड़ घटाई...!
जो जी लूँ मैं थोडा
सो जोडूं मैं पाई पाई
 बाकी है शायद
बस अब एक तिहाई..!!
-शालिनी
11.7.2016
गाल फूल जाएँ तो कोई बात नहीं..
मुँह फूल जाये तो सोचना पड़ता है ....!! 
sks😎
21.7.2016
एक बार ईगो परे रख कर देखो
एक बार निःस्वार्थ हो कर देखो
शक-शुबहा बे-मतलब होते हैं अक्सर
सोच अपनी ज़रा बदल कर देखो ..!!

तपिश सूरज की भी अच्छी नही लगती
जिनकी ज़िन्दगी है ज़रा उससे जाकर पूछो..!

चाँदनी जला देती हो जो किसी को
जाओ ज़रा तारों से जाकर पूछो ..!

तलबगार तुम्हारे बहुत होंगे लेकिन
कभी हमारे भी दिल से आकर पूछो ..!

ज़िंदा नही रहता कोई ताउम्र अक्सर
जो थोड़ी सी ज़िन्दगी है उसको तो ज़रा देखो ....!!!!
-शालिनी
22.7.2016
ज़िद्दी सी है,

सफ़र करती है,
लौटना भी है...

....तुम तक ...!!!

-शालिनी
24.7.2016
एकाउंट में होगा
तो ही
मिलेगा न .!! 😎

तू कहे तो जान दे दूँ
कहने में हर्ज़ क्या है....
😃😉😆😉

ऐ जिन्दगी.
.
.
.
.
.
गला दबा दे.... :D
ख़रीद फ़रोख़्त -यह दुनियादारी
बमुश्किल चुकाऊँ पाई पाई सारी..!
सस्ता बेच महँगा पाऊं ,
केहि विधि मैं नफा कमाऊं..!
दुइ आत चौगुन जात
बैठे बैठे कुछ कुछ लुटाउँ..!
पीड़ा मन की मन से हारी
मन में रक्खूं मन की सारी..!
सफल हुई न जो दुनियादारी
कोई न किसीकी न कोई प्यारी..!
ख़रीद फरोख्त की यह दुनिया सारी...!!!
-शालिनी
30.7.2016
दौर ए गर्त में जा पड़ी है दुनिया
गलतियां किसकी, गुनाह क्यों बिक गया..?

बरसती रहती हैं बारिशें समुन्दर पर
खुश्क धरती से क्यों दूर मेह कर दिया..?

अश्क भर आँखें पुकारा करती हैं ऊम्र भर
ओझल एक दिन आँखों से क्यों  कर दिया..?

खुदा के हाथ किसने ये कलम दे दिया
बनायीं किस्मतें और फ़ैसला लिख दिया ..!!!
-शालिनी
31.7.2016

Tuesday, 23 August 2016

थमा कर चार तोहफ़े पूछती है और चाहिए क्या ..?
बता देते हम भी
लेकिन हर्फ़ -ओ -कलम को बेख़ौफ़ होने न दिया..!!
sks💝
31,7,2016
बूँद सी चमकू ..या दीप जैसी
एक झोंके भर की ज़िंदगी मेरी...!!
-शालिनी
2.8.2016
खामोशियों से कह दो कहीं दूर रहें जाकर
शोर किस कदर करती हैं मेरे घर में ये आकर ...!!!
sks💝

सोने दो कौतुहल को लंबी नींद !
उम्र बस दो पल की है जागने के बाद... !!!
sks💝
5.5.2016
दोस्ती दिवस दोस्तमय हो !!
दोस्त, दोस्त रहें 
 दिलों में बने रहें ,
मुस्कुराएं ,
खिलखिलायें ,
आबाद रहें...!!
शुभकामनाएं आप सबको  ☺😊
-शालिनी
5.8.2016
न इश्क़ कर
न वफ़ा कर
न जिक्र कर
न मलाल कर

बस हो सके तो....
 नफरतों से
फासले रख...!!!
sks<3
8.8.2016
मेह बरसे.. जग भीगे ,
नेह बरसे.. मन भीगे रे..!!
sks💝
एक उबाल था जो समा गया दिल में
एक सावित्री जीती है ..कहीं तुझमे...!!
sks💝
14.8.2016
स्याह सन्नाटों में एक दीप जला आती हूँ अक्सर
शायद उस पार  आवाज़ देकर बुलाये  कोई...!!

बहुत बेचैन हो जाती है ये ज़िद्दी सी लड़की मेरे अंदर
वाकिफ़ उम्र के इस दौर से इसे कराये कोई ..!!

मासूम ख्वाब लिए फिरती है अपनी आँखों में
झिड़कियों से ठेस न  अब पहुचाये कोई...!!!

खुद रूठती है खुद ही मान जाती है 
अपने वज़ूद का अहसास तो कराये कोई ..!
-शालिनी
16.8.2016
भेजूं न भेजूं
अक्षुण्ण हैं शुभकामनायें ..
सूत्र बांधू न बाँधू
बंधन अटूट ही पाएं..

सौभाग्य तिलक
लगाऊं न लगाऊं ..
प्रकाश जगमगाये ..

स्वतंत्र है
उत्सव हैं बंधन
जैसे भी निभाऊँ...!!!
-शालिनी
रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएँ
18.8.2016
हवा पानी  से तरल होते तो उतर जाते दिलों  में 
मैंने अशआरों  को मिटटी  होते हुए देखा है ..!!

नम आँखों की हैसियत ही क्या..
 लहू किसने पिघलते देखा है..??
-शालिनी
21.8.2016
मैं अगर मर भी जाऊं ..
 ज़िंदा रहेंगे यह पन्ने
आंसुओं से रंगे,
मुस्कुराहटों में लिपटे ,
बेजान तो कभी खोखले...!
मैं अगर मर भी जाऊं...
मत बहाना एक भी आंसू
कि ज़िंदा हूँ इन पन्नों में,
तुम  पढोगे तब तक ...!!!
-शालिनी
23.8.2016
यह  आशा है न .. सुबह से जग जाती है
और रात करवट बदल कर सो जाती है ...!!
sks💝
ज़ुम्बिश ए लब कहती है

"ज़िंदा हूँ अभी"
-sks💝
22.8.2016
22.8.2016
मन में जितने चोर तुम्हारे 
ताले उतने तुम्हें है प्यारे...!!!
मन के वहमी दिल के काले
लुकते छिपते खुद ही से सारे,
कोई जाने या न जाने
दरवाजों पर ही भेद हैं सारे,
मन में जितने चोर तुम्हारे
उतने ही हैं भेष तुम्हारे ...!!!!

-शालिनी

Monday, 25 April 2016

बड़ी बुरी आदत है
बातें अक्सर भूल जाती हूँ

बहुत से किस्से
बहुत सी बातें

कल से पहले
क्या हुआ था
याद करने बैठूं भी तो
भूल जाती हूँ

जैसे हवा सामने से गुजरी हो
हलके से मुझे छूआ हो..
कहाँ याद रहता है
लहराना आँचल का,
बिखरना बालों का ,
आसमान पर बिखरे रंग,
चिड़ियों का चहचहाना,
फूलों का खिलना
और मुरझा जाना ..
लगता है कि
सब भूल जाती हूँ....!

पर नहीं...
एक अंतकूप है भीतर
संवेदनाओं से भरपूर
मैं डुबकी लगा आती हूँ
कुछ बेमतलब के किस्से
उठा लती हूँ ...
अहसास कुछ समेट कर
कुछ यादों को
फिर से दोहराती हूँ...

और...
 एक तत्व लौह है
देह प्राण में ..
निष्प्राण
चुम्बक है तुम्हारे भीतर ..!
मैं याद बहुत करती हूँ
लेकिन फिर भूल जाती हूँ
या

प्रक्रिया कुछ भूलने की
और कुछ भूल नही पाती  हूँ
-शालिनी
25.4.2016
तुम 
ताक पर बिसरे असबाब हो जाना
धूल में लिपटे बदरंग हो जाना ..
साल कुछ और बीत जाएं जब
बाकी के दिन घूरे पर बिताना ...!
sks<3
17.4.2016
गिरवी पड़े हैं ...
शब्द भाव कल्पना और स्वप्न.... !
मधुर मुस्कान और स्नेह से
छुड़ा लाना ..तुम ....!!!!
sks<3
21.4.2016
लंबा सफ़र 
सामान कम,
ज़िन्दगी ..बहुत 
जिएंगे हम...!!!
sks💝
25.4.2016
सफ़र में फिर सफ़र पर चल पड़े हैं
साथ अपने अब खुद चल दिए हैं ..!

तुम तो किनारा कर लेते हो किनारों पर
देखो !......... वहां कितने मेले लगे हैं..!

अजनबी चेहरे अनजान लोग देखती हूँ
कोई तुम जैसा  मिलता नहीं है .....!

रास्ते तुम तक भी जाते हैं लेकिन
हम रास्ते अपने अब चल दिए हैं...!

तय मंज़िलें तय हैं रास्ते , अपने में गुम
लोग कितने थके से लगे हैं...!

सफ़र में फिर सफ़र पर चल दिए हैं...
-शालिनी
25.4.2016

Friday, 11 March 2016

मांगता है मौत जब जब ऊब कर 
ज़िंदगी कहती है अभी वक़्त है .और चल..!
sks♥

19.2.1016
फासले कितने भी हों
सिरों पर ज़िंदगी रहे ..!
अहसास हैं तो हम हैं
वरना सिर्फ नाम ही रहे..!
हर सफ़े पर देखना चाहा
हम हाशिये पर भी न रहे
नाम लो, पुकार लो अभी
जाने कल सांस रहे न रहे...!!
-शालिनी
27.2.2016
नींद उठती है चौंक चौक कर 
ख्वाब सहम सहम जाते हैं ..!
फासले पर कब तक रहें 
बगल में नींद के सो जाते हैं ..!
नींद को सुला कर आँखों में 
ख्वाब धीरे से, फिर सरक आते हैं..!!
-शालिनी

1.3.2016
स्मृति विसर्जित हो देह संग
स्वप्न भंग हों स्वप्न संग
काल अंत हो अंत में
अविरल हो या क्षणिक संग... !!
-शालिनी
"die with memories ,
live with dreams "
3.3.2016
यहां...
नया कुछ भी नहीं होता..
कहीं जगह बदल जाती है,
कहीं नाम बदल जाते हैं .... !
कहीं तज़ुर्बे सोचने लगते हैं, 
कहीं दिमाग दिल हो जाते हैं ..!
कहीं यथार्थ चुप लगाता है,
कहीं झूठ हूकता रहता है... !
सोचती हूँ..
क्यों शोर करता है इतना ?
कुछ बदले न बदले
हालात बदल जाते हैं
और
जीते जी
मरने वाले कम ही
याद रह जाते हैं ...!!!
-शालिनी
4.3.2016
आज फिर देखा था उन दिनों को 
पास से गुजर गए...पास आये नहीं ...!
sks♥

4.3.2016
वक्त से परे
न दिन है
न रैन है ...!!
शब्दों से परे ..
बस मौन है..!
व्यथा से परे..
सिर्फ मौत है..!!!
--शालिनी
4.3.2016
कल की शिनाख्त पर आज रख दिया
कल की बात ... अब कल करेंगे ....!!
sks♥
"Don't let yesterday use up too much of today."
5.3.2016
महिला दिवस पर...
इक्कीसवीं सदी में जी रही हूँ
पहचानती खुद को नहीं हूँ मैं,
नित नए आवरण समेटे 
अस्तित्व निज बुन रही हूँ मैं,
आईने में झांकती हूँ
दुर्गा नही , सरस्वती भी दिखती नहीं मैं,
सजी धजी अप्सरा भी लगती नहीं मैं ,
घर को समेटे ह्रदय में एक धुरी पर घूमती
धर्म से बंधी, कर्म को जी रही हूँ मैं ,
आशा अभिलाषा कामना शुधा सब सूक्ष्म हैं
मेरे अंश अंश के लिए जी रही हूँ मैं ,
मैं जानती हूँ मानती हूँ उस जग को
नाप लूंगी कुछ कदम में इस जहाँ को ..
लेकिन घर से आगे नहीं स्वर्ग कोई
सत्य यही जानती हूँ इसी सत्य को जी रही हूँ..
क्या हुआ अगर इक्कीसवीं सदी में जी रही हूँ मैं.....!!!
-शालिनी
9/3/2016
एक बोसा -ए -पेशानी देदो अगर 
ख्वाबों को मैं अभी अलविदा कह दूँ....!!
sks♥

11/3/2016


डर अंधेरों का सताने लगता है 
वज़ूद से लम्बी हो जाती हैं जब परछाईयां...!!
sks♥

9/3/2016

अंधेरों से मन घबरा न जाये
सितारों से दोस्ती कर ली हमने ..!
चलो अब कुछ बात कर ली जाये
ख्यालों से समझौता कर लिया हमने...!!
sks♥
9/3/2016
निश्चित है मौसमों का आना जाना ...!
पत्तियों का कभी गिरना कभी संवर जाना ,
विकल पत्तों का धरा पर लोट लोट जाना,
तितलियों का हर फूल को कह कर जाना...
उम्र अपनी देती हूँ तुम जरा और मुस्कुराना ...!
हर कोई चाहता नही एक मौसम कभी बदलना
अपने अंदर कोई कोना सदा बसंती रखना,
मुस्कुराना किसीका और लगे जग सलोना ,
तितलियाँ मन में सजा कर खुद फूल फूल हो जाना ...!!!
-शालिनी 
11/3/2016
heart emoticon