Friday, 11 March 2016

एक बोसा -ए -पेशानी देदो अगर 
ख्वाबों को मैं अभी अलविदा कह दूँ....!!
sks♥

11/3/2016


डर अंधेरों का सताने लगता है 
वज़ूद से लम्बी हो जाती हैं जब परछाईयां...!!
sks♥

9/3/2016

अंधेरों से मन घबरा न जाये
सितारों से दोस्ती कर ली हमने ..!
चलो अब कुछ बात कर ली जाये
ख्यालों से समझौता कर लिया हमने...!!
sks♥
9/3/2016

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