Friday, 11 March 2016

फासले कितने भी हों
सिरों पर ज़िंदगी रहे ..!
अहसास हैं तो हम हैं
वरना सिर्फ नाम ही रहे..!
हर सफ़े पर देखना चाहा
हम हाशिये पर भी न रहे
नाम लो, पुकार लो अभी
जाने कल सांस रहे न रहे...!!
-शालिनी
27.2.2016

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