Wednesday, 24 August 2016

ड्योढ़ी चढ़ भीतर आ जाता है सुबह सवेरे आजकल ..
सर्दियों भर  ढूँढ़ते रहते हैं इस गर्मी के सूरज को...!!
मुंह छुपा कर निकल जाता था धुंधला धुंधला सा कभी..
कोई पर्दा नहीं है गर्मी में  इस गर्मी के सूरज को...!!
-शालिनी

बहुत अच्छे होंगे आप वहां
हम बुरे ही अच्छे हैं यहाँ...!
sks<3

#attitude

स्वप्न सुदीप्त हों अंश भर
जीवन उदीप्त हो उम्र भर....!!!

"Life is 10% what happens to me and 90% how I IMAGINE" . :)

-शालिनी
आज़माने की ज़रूरत नहीं
नक़ाब हर चेहरे पर लगा है...!!

कौन जाने झूठ का सच 
हर नज़र पर पर्दा पड़ा है...!!

sks<3

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