Tuesday, 23 August 2016

भेजूं न भेजूं
अक्षुण्ण हैं शुभकामनायें ..
सूत्र बांधू न बाँधू
बंधन अटूट ही पाएं..

सौभाग्य तिलक
लगाऊं न लगाऊं ..
प्रकाश जगमगाये ..

स्वतंत्र है
उत्सव हैं बंधन
जैसे भी निभाऊँ...!!!
-शालिनी
रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएँ
18.8.2016

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