Wednesday, 24 August 2016

पाल लो मन में ज़हर
या खा लो एक बार

रिश्तों को मारेतिल तिल कर
और तुम्हें  बस एक बार !
sks<3
10.4.2016

आपको क्या पता
मन में क्या चलता है...

एक ख्याल जो
अपनों के इर्द गिर्द
चला करता है.....!
sks<3
मुखर करता है आरम्भ.... एक अंत हर बार
अंत से पहले जीवंत हो उठता है फिर एक बार ..!

 अजेय कुछ भी नही होता जग में,
सिद्ध भी सब कुछ होता नहीं जग में ,
पराजय में जय है  ..मृत्यु में आयु,
अमर भी मर जाते हैं कई कई बार ...!

अंत से पहले अंत क्या मान लेना...
जीने की आस में कोंपलें ऊगा लेते हैं
ठूँठ भी एक बार ....!!
-शालिनी

ख्वाब में कुछ तो तुम्हारा रह गया है ना.....
ढूँढने आte हो अक्सर नींद से उठाकर......!!

पहर दर पहर दिन बदलता है
हर घड़ी घड़ी को देखता है
वक्त जाता महसूस होता है
देखने को बस घड़ी  देखता है ....!
हाथ अपने कर्म भर
भले बुरे का मर्म भर
वक्त की बिसात क्या
घड़ी की चाल भर चलता है....!!!
-शालिनी

Time does not exist
Clock does !!

30.4.2016

खुश रहना है तो
सेहत का रखिये ख्याल
और बादाम मत खाइये.. :-D
sks<3

"Happiness is good health and a bad memory."
सूरतों पर न जाइये
सूरतें गुमराह करती हैं...!

मूरतों की असलियत जानिये
मूरतें अमूमन सच ही होती हैं...!!! ???
-शालिनी
जीवन सरल सा हो तो ..
ज्यादा कुछ नहीं बस
जरूरतें साधारण सी हों ..,
मनपसंद खाना हो
और प्रिय आस पास रहें ..!!
sks<3
17.3.2016

चेहरे पढ़े जाते हैँ छोटे घरों में
महलों में कमरे बंद हुआ करते हैं ..!
आसमानों में रहने वाले क्या जानें
ख़जाने मिट्टी में हुआ करते हैं ..!
sks<3

बार बार पकड़ कर लाने पड़ते हैं
कुछ ख़याल बच्चों से मचल जाते हैं...!!
sks<3

इस बसंत भी बसन्त आया नही..?
कुछ ठूँठ से दरख़्त खड़े हैं
किस अहम, दर्प में पड़े हैं ?
खोखली हो रही जड़ें बेदम पड़ी है..
आखिरी ही सही कोशिश तो करो
सांस लो कुछ कोंपलें हरी करो
बसंत आया है कुछ बसंती तो करो....!!!!
sks<3
16.2.2016

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