Friday, 30 September 2016

निरुद्देश्य ! जब ध्येय हो न कोई पास 
आओ .. चलो बह चलें हवा के साथ ..!!
किश्तियों को छोड़ धाराओं में 
कोई तो किनारा लगेगा हाथ..!!
ऊँगली पकड़ कौन चलता है उम्र भर
देखो कौन- कौन है भीड़ में तुम्हारे साथ ..!!!!
-शालिनी

"Life is like sailing. You can use any wind to go in any direction."

Tuesday, 6 September 2016

हर कूचा ए महफ़िल में देखती हूँ जब उनको ..
सोचती हूं..
ये जो सबके नज़र आते हैं ...दरअसल वो किसी के नही होते...!!!
sks💝
शब्द लड़ते रहते हैं रात भर..
सुबह मौन हो सो जाते हैं थक कर..
मैं तक़रीर कोई कब तक लिखूँ
वो किनारे सरका देते हैं पढ़ कर..
सौ दफ़ा पढ़ती हूँ खुद का लिखा
सिलवटें उनकी पेशानी पर सोच कर ..
फेहरिस्त लम्बी होती ही जाती है
सवाल सवालों से करते हैं ....
जवाबो की राह देख कर.... !!!!
-शालिनी
हर दिल में ही तो रहता हूं 
ढूँढ़ते कहाँ हो तुम पल पल के सुख में
चिर असीम सुख की परिकल्पना हूँ 
तेरे अंदर भी बसा हूँ ... देखो सत्य हूँ मैं
-शालिनी

Thursday, 1 September 2016

बातें सिर्फ़  बातें नहीं होतीं...
आवाज़ें लहू में दौड़ती हैं हरदम...!!
धमकती हैं कानों में
आँखों से निकल बहती हैं ...!!!
-शालिनी