Friday, 30 September 2016

निरुद्देश्य ! जब ध्येय हो न कोई पास 
आओ .. चलो बह चलें हवा के साथ ..!!
किश्तियों को छोड़ धाराओं में 
कोई तो किनारा लगेगा हाथ..!!
ऊँगली पकड़ कौन चलता है उम्र भर
देखो कौन- कौन है भीड़ में तुम्हारे साथ ..!!!!
-शालिनी

"Life is like sailing. You can use any wind to go in any direction."

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